पंचायत सचिव समेत पूरा स्टाफ नदारद – मेंड्राकला पंचायत में कामकाज ठप..

सोनहत विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंड्राकला में पंचायत कार्यालय अक्सर बंद रहता है। जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव एवं स्टाफ का वेतन तो समय पर जारी हो जाता है, लेकिन कार्यालय में उनकी उपस्थिति पूरी तरह से मनमानी पर टिकी है। पंचायत से जुड़े कार्यों — जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आरटीआई जानकारी, निर्माण कार्य से जुड़ी फाइलें, या अन्य दस्तावेज़ — सब ठप पड़े हैं।
आज जब एक आवेदक आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी की फीस जमा करने कार्यालय पहुँचा, तो पंचायत भवन में ताला लटकता मिला। निराश होकर आवेदक को वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति महीनों से बनी हुई है। आम जनता का कहना है कि “जब सचिव और स्टाफ ही कार्यालय नहीं आएंगे तो पंचायत व्यवस्था कैसे चलेगी?”
अब बड़ा सवाल? यह उठता है कि क्या जनपद सीईओ कभी अपने क्षेत्र के पंचायतों का औचक निरीक्षण करती हैं? या फिर उनकी जिम्मेदारी सिर्फ दफ्तर तक सीमित रह गई है?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से माँग की है कि मेंड्राकला पंचायत में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि पंचायत व्यवस्था पटरी पर लौट सके।




